APJ Abdul Kalam Poems In Hindi
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APJ Abdul Kalam Poems In Hindi | अब्दुल कलाम कविताएं

Here we have the best collection of APJ Abdul Kalam Poems In Hindi. Please share these ए. पी. जे. अब्दुल कलाम कविताएं with your friends and give tribute to the APJ Abdul Kalam

Best APJ Abdul Kalam Poems In Hindi

Here we have the 7 Best Poems on APJ Abdul Kalam in Hindi

  1. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | रामधारी सिंह ‘काव्यतीर्थ’
  2. पंछी चला गया | प्रदीप शुक्ल | (डॉ. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि गीत)
  3. एक श्रदधांजलि | सुजाता भट्टाचार्या (हिंदी अध्यापिका)
  4. जब अनंत आकाश भी दहल उठता था…
  5. ए पी जे अब्दुल कलाम कविता
  6. हमारा सलाम, कलाम के नाम
  7. एक साथ गीता और कुरान चले गए…

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | रामधारी सिंह ‘काव्यतीर्थ’

कलाम छोॅत
प्रक्षेपास्त्रा पुरुष
मन सें संत ।

कलाम छेकै
प्रथम नागरिक
बाँस-कुटिया ।

बाँस-कुटिया
त्रिपुरा कलाकारें
छौनी करलकै ।

कुटिया नाम
शाश्वत कुटीर छै
वासी कलाम ।

करेॅ कलाम
पसन्दीदा काम भी
कुटिया में ही ।

बाँस-कुटिया
मुगल गार्डन में
कलाम बैठै ।

कलाम कहै
नेक सज्जन वास्तें
यहेॅ कुटिया ।

पंछी चला गया | प्रदीप शुक्ल | (डॉ. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि गीत)

मन उदास है
पिंजरा खाली
पंछी चला गया

लोग यहाँ
इस दुनिया में
कुछ ऐसे आते हैं
जिनके जाने पर फूलों के
दिल कुम्हलाते हैं
लगता है
बस पंख लगा कर
अब हौंसला गया
सपने पूरे
तब होंगे
जब सपने आयेंगे
बंद करोगे आँखें तब वो
शोर मचायेंगे
बुझी जा रही
आँखों में
वो सपनें खिला गया

ठान लिया
जो मन में
उसको पूरा ही करना
असफलतायें आयेंगी
फिरउनसे क्या डरना
यही सफलता
की कुंजी
वो हमको दिला गया

हलचल
रहती थी
जब तक था रौनक थी घर में
रहती थी कुरआन की आयत
वीणा के स्वर में
हिन्दू मुस्लिम
सिक्ख ईसाई
सब को रुला गया।

एक श्रदधांजलि | सुजाता भट्टाचार्या (हिंदी अध्यापिका)

एक समपर्ण, एक था अर्पण
था जिनका जीवन एक दर्शन।
जन्में घर निर्धन के फिर भी पाया विशेष स्थान,
देख भेदभाव बालपन से, हुआ मन बेताब।

मानवता की सेवा करने उठाई आपने किताब।
की चेष्टा कोई जीव चोट ना पावें,
हर जन अपने हृदय, प्रेम अलख जगावें।
टिकाए पैर ज़मी पर, मन पंछी ऊँचा आसमाँ पावें।

किया निरतंर अभ्यास, न छोड़ी कभी आस,
विफलताओं से हुए, न कभी आप निराश।
किए निरंतर प्रयास पर प्रयास।
देशभक्त्ति की आप हो एक मिसाल,
जिसने जलाई देश में 2020 की मशाल।

सपनों को विचार, विचार को गति,
दी युवकों को ये संमति।
देश को दी आपने पहचान नई।
किया ‘ के-15 ‘ से मुकम्मल सुरक्षा इंतज़ाम।

आप तो कमाल हो, श्रीमान कलाम।
कर्मक्षेत्र था आपका विज्ञान,
पर गीत संगीत में थे बसे आपके प्राण।
आप बने बच्चों के हितैषी,
दिया मंत्र, वे बने स्वदेशी।

विश्व पटल पर रखी भारतीयों की मिसाल,
आपके गुणों की है, खान अति विशाल।
कलाम आप तो हैं कमाल!
हर देशवासी हो नत मस्तक, करें आपको सलाम।

आपको हमारा शत – प्रणाम॥

जब अनंत आकाश भी दहल उठता था…

मुख मौन हैं…
महिमायें आपके सामने गौण हैं…
माँ भारती का शक्तिध्वज…
फहराने बचा ही कौन है…
सूनी पड़ गई ये धरती…
आपके अलविदा कह जाने से…
जब अनंत आकाश भी दहल उठता था…
आपकी मिसाइल टकराने से…
सच्ची श्रद्धांजलि के लिए युवाओं को…
आगे आना होगा…
कलाम अलख भीतर जगा…
माँ भारती को मनाना होगा…
हे कलाम उदास मत होना हम आयेंगे हम आयेंगे…
आपकी प्रेरणा की ताकत ले स्वप्न उड़ान भर जायेंगे…।।

ए पी जे अब्दुल कलाम कविता | APJ Abdul Kalam Par Kavita in Hindi

बोलते-बोलते अचानक धड़ाम से
जमीन पर गिरा एक फिर वटवृक्ष
फिर कभी नही उठने की लिए
वृक्ष जो रत्न था,
वृक्ष जो शक्ति पुंज था,
वृक्ष जो न बोले तो भी
खिलखिलाहट बिखेरता था
चीर देता था हर सन्नाटे का सीना
सियासत से कोसों दूर
अन्वेषण के अनंत नशे में चूर
वृक्ष अब नही उठेगा कभी
अंकुरित होंगे उसके सपने
फिर इसी जमीन से
उगलेंगे मिसाइलें
शन्ति के दुश्मनों को
सबक सीखने के लिए
वृक्ष कभी मरते नही
अंकुरित होते हैं
नये-नये पल्लवों के साथ
वे किसी के अब्दुल होते है
किसी के कलाम.

हमारा सलाम, कलाम के नाम

आइये, एक महान आत्मा को सलाम करे,
एक ऐसी आत्मा, जिन्होंने अपना जीवन,
बलिदान कर दिया – हमारे लिए.
आइये, श्रद्धांजलि दे एक ऐसी आत्मा को,
जिन्होंने असम्भव को संभव किया हमारे लिए.
आइये , एक महान आत्मा श्रद्धांजलि दे ,
जिसने अपने देश के लिए एक सपना देखा.
आइये, हम अपने भूतपूर्व राष्ट्रपति को नमन करें,
जिन्होंने हर विद्यार्थी को प्रोत्साहित किया,
जिनके किताबों और भाषण ने हमें प्रेरणा दी.
आइये, एक ऐसे व्यक्ति को सलाम करे,
जो किसी भी धर्म के बीच अंतर नही करते.
एक ऐसे व्यक्ति को सलाम करे,
जो सबके दिल पर राज करते हैं .

एक साथ गीता और कुरान चले गए…

आधुनिक भारत के भगवान चले गए…
इस देश के असली स्वाभिमान चले गए…
धर्म को अकेला छोड़ विज्ञान चले गए…
एक साथ गीता और कुरान चले गए…
मानवता के एकल प्रतिष्ठान चले गए…
धर्मनिरपेक्षता के मूल संविधान चले गए…
इस सदी के श्रेष्ठ ऋषि महान चले गए…
कलयुग के इकलौते इंसान चले गए…
ज्ञान राशि के अमित निधान चले गए…
सबके प्यारे अब्दुल कलाम चले गए…।।

I hope you liked the best APJ Abdul Kalam Poems In Hindi. Share these ए. पी. जे. अब्दुल कलाम कविताएं with your friends.

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