Here we have the best collection of 101+ Best Bewafa Shayari | बेवफा शायरी

Bewafa shayari in hindi for girlfriend

कैसे मनाऊं उसे
जो रूठा भी ना हो और
बात भी ना
करता हो |

हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,
पैगाम जो पहूँचा हम तक, बेवफा इल्जाम आया।

अगर रो पढ़ किसी दिन तेरे
सामने
तो समझ लेना वो मेरे
बर्दाशत की आखिरी हद थी.. |

हादसे इंसान के संग मसखरी करने लगे..
लफ़ज़ कागज़ पर उतर जादूगरी करने लगे..
कामयाबी जिसने पाई उनके घर तो बास गए..
जिनके दिल टूटे वो आशिक़ शायरी करने लगे…|

उन्होंने हमें आजमाकर देख लिया,
इक धोखा हमने भी खा कर देख लिया,
क्या हुआ हम हुए जो उदास,
उन्होंने तो अपना दिल बहला के देख लिया..!!

हम किसी शख्स से तब तक लड़ते हैं,
जब तक उससे प्यार की उम्मीद होती है..
जिस दिन वो उम्मीद ख़तम हो जाती है,
उस दिन लड़ना भी खत्म हो जाता है..||

sorry
नाराज मैं तुझसे नहीं
अपने दिल से हूँ,
औकात देखी नहीं
अपूनी
और तुझे अपना
समझ लिया..!!

पत्थरों से प्यार किया नादान थे हम,
ग़लती हुई क्यू के इंसान थे हम,
आज जिन्हे हमसे नजरें मिलाने मे तकलीफ़ होती है,
कभी उसी शख्स की जान थे हम..!!

माफ कीजिएगा दोस्त
बात कड़वी है
आज की मोहब्बत
जिस्म मांगती है |

हारा हुआ सा लगता है वजूद मेरा,
हर एक ने लूटा है दिल का वास्ता देकर..|

जब लोग रास्ता अलग करने का
फैसला कर लेते हैं तो
सबसे पहले बातचीत करना कम
कर देते हैं।

तेरी बेवफाई का सौ बार शुक्रिया,
मेरी जान छूटी… इश्क़-ऐ-बवाल से..!!

ज़िन्दगी बेरंग बेनूर सी क्यों है, ज़िन्दगी की हर ख़ुशी हमसे दूर क्यों है..?
वक़्त बीत जाएगा यूँ ही इंतज़ार में लगता है, आखिर खुदा खुद में इतना मगरूर क्यों है.. ??

वो सुना रहे थे अपनी वफाओं के किस्से,
हम पर नजर पड़ी तो खामोश हो गये।

दाद देते है हम तुम्हारे नजरअंदाज करने के हुनर को,
जिस ने भी सिखाया है वो उस्ताद कमाल का होगा।

तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास,
लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको..!!

उसको पाना मेरी ज़िन्दगी का वो ख्वाब है,
जिसकी मंज़िल ही नहीं रास्ता भी खराब है..!!
हंसी से मेरे दर्द का अंदाज़ा मत लगाना,
इस दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है .. !!

भुला कर मुझे इस तरह जी रहा है,
वो जैसे मुझे जानता तक नहीं है…|

वो छोड़ के गए हमें, न जाने उनकी क्या मजबूरी थी,
खुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहीं,
ये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी..!!

हसरतें मिट गई सारी पर दिल को चैन ना आया..
तलब थी जिससे मिलने की अफ़सोस उसे मेरा ख्याल भी नहीं आया.. |

Bewafa shayari kahani

बेवफाई का मौसम भी अब यहाँ आने लगा है,
वो फिर से किसी और को देख कर मुस्कुराने लगा है..!!

कभी कभी खुद के लिए भी जीने की इच्छा होती है,
पर ज़िम्मेदारियाँ उतना भी वक़्त नहीं देती है.. !!

मुहब्बत में क्यों बेवफ़ाई होती है,
सुना था प्यार में गहराई होती है,
टूट कर चाहने वाले के नसीब में,
क्यों सिर्फ तन्हाई होती है..!!

तनहा सा हो गया है, मेरा कमरा आजकल.
एक पंखा बोला करता था, पर अब सर्दियाँ आ गई हैं..|

तुम तो चाहत का समंदर हुआ करते थे ,
किस से सीख लिया मोहब्बत में मिलावट करना…!!

फिर से निकलेंगे तलाश-ए-ज़िन्दगी में,
दुआ करना इस बार कोई बेवफा न निकले।

हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया,
औरों को तो ठीक पर हम को भी तबाह किया,
अर्ज़ किया जब ग़ज़लों मे उनकी बेवफ़ाई को तो,
औरों ने तो ठीक उन्होने भी वा वा किया..!!

तुम ही हो एक मेरे, दिल को बस यही करार रहा..
लौट आओगे एक दिन तुम, आखरी सांस तक बस तेरा ही इंतज़ार रहा..|

ना पा सकूँ, ना भुला सकूँ..
तू मेरी मज़बूरी सा है, तेरे बिना जी रहे हैं..
और जी भी लेंगे, फिर भी तू जरुरी सा है..|

सब के होते हुए भी तन्हाई मिलती हे,
यादो में भी गम की परछाई मिलती हे,
जितनी भी दुआ करते हे किसी को पाने की,
उतनी ही उनसे बेवफाई मिलती है..!!

इतना बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए,
तुझे आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है।

इंसान अगर प्यार में पड़े, तो गम में पड़ ही जाता है
क्योंकि प्यार किसी को चाहे कितना भी करो, थोड़ा सा तो कम पड़ ही जाता है |

मेरी वफा के क़ाबिल नही हो तुम,
प्यार मिले ऐसे इन्सान नही हो तुम,
दिल क्या तुम पर ऐतबार करेगा,
प्यार मे धोखा दिया ऐसे बेवफा हो तुम..!!

महफ़िल में गले मिल के वो धीरे से कह गए,
ये दुनिया की रस्म है मोहब्बत न समझ लेना।

कभी लेकिन तो कभी काश में हूँ, मैं शायद अब भी तेरी तलाश में हूँ..|

यह क्या कि तेरे हाथ भी अब काँप रहे हैं,
तेरा तो ये दावा था सितम रुक नहीं सकते !

आपकी नशीली यादों में डूबकर,
हमने इश्क की गहराई को समझा,
आप तो दे रहे थे धोखा और,
हमने जानकर भी कभी आपको बेवफा न समझा..!!

वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था,
खुदा जाने वो क्या लिख रहा था,
मोहब्बत में मिली थी नफरत उसे भी शायद,
इसलिए हर शख्स को शायद बेवफा लिख रहा था..!!

कभी धूप तलाशते हैं तो कभी छाँव
बड़ी बेवफा सी हमारी तलाश है।

आज हम उनको बेवफा बताकर आए है,
उनके खतो को पानी में बहाकर आए है,
कोई निकाल न ले उन्हें पानी से..
इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है..!!

शादी बेवफा शायरी

दर्द होता है यह देख कर की, तेरे पास सबके लिए टाइम है.. बस मुझे छोड़ कर…|

रात का अँधेरा पूछ रहा था, कहाँ गया वो रात भर बात करने वाला…|

रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लग के वो,
ऐसा लगा कि जैसे कभी बेवफा न थे वो।

कोई मजबूरी होगी जो वफा कर ना सके..
मेरे मेहबूब को ना शामिल करो बेवफाओ में..!!

आओ मिलकर आग लगा दें इस महोब्बत को, ताकि फिर ना तबाह हो किसी मासूम की ज़िन्दगी..|

जिस किसी को भी चाहो वो बेवफा हो जाता है,
सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है,
जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो,
काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है..!!

ज़िन्दगी में मज़िले मिल ही जाती है.. बस वो लोग नहीं मिलते, जिन्हे इस दिल ने चाहा..|

आज अचानक तेरी याद ने मुझे रुला दिया,
क्या करू तुमने जो मुझे भुला दिया,
न करते वफ़ा न मिलती ये सजा,
शायद मेरी वफ़ा ने ही तुझे बेवफा बना दिया..!!

जाते-जाते उसके आखिरी अल्फाज़ यही थे,
जी सको तो जी लेना मर जाओ तो बेहतर है।

जाते-जाते उसके आखिरी अल्फाज़ यही थे,
जी सको तो जी लेना मर जाओ तो बेहतर है।

उड़ा देती हैं नींदे कुछ जिम्मेवारियां घर की,
रात भर जागने वाला हर शख्स आशिक़ नहीं होता..| v

तुम तो चाहत का समंदर हुआ करते थे ,
किस से सीख लिया मोहब्बत में मिलावट करना…!!

उम्र ज़ाया करदी लोगो ने औरों के वजूद में नुक्स निकलते-निकलते,
इतना खुद को तराशा होता तो फ़रिश्ते बन जाते..|

ज़हर देता है कोई, कोई दवा देता है,
जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है।

बेवफा फनी शायरी

बहुत अजीब सिलसिले है मोहब्बत इश्क मैं,
कोई वफ़ा के लिए रोया तो कोई वफ़ा कर के रोया।

तंग नहीं करते हैं हम, उन्हें आजकल यह बात भी तंग करती है..|

बेवफा दोस्ती शायरी

लाख करो गुज़ारिशें लाखों दो हवाले,
बदल ही जाते हैं आखिर बदल जाने वाले..!!!

मोहब्बत से भरी कोई गजल उसे पसंद नहीं,
बेवफाई के हर शेर पे वो दाद दिया करते हैं..!!

वही शख़्स मेरे लश्कर से बगावत कर गया…!!
जीत कर सल्तनत जिसके नाम करनी थी…|

खुदा जाने कौन सा गुनाह कर बैठे हैं हम,
तमन्नाओं वाली उम्र में तजुर्बे मिल रहे हैं..|

वफ़ा के नाम पे तुम क्यूँ संभल के बैठ गए
तुम्हारी बात नहीं बात हैं ज़माने की |

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए..!
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए..!
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो..!
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए..!!

तलाश है एक ऐसे शख्स की, जो आँखों में उस वक़्त दर्द देखले..
जब दुनिया हमसे कह रही हो, क्या यार तुम हमेशा हस्ते ही रहते हो.. | \

चाहे काजल लगा लो या सूरमा लगा लो
फरेब दिल में हो तो आंखों में उतर ही आएगा

निगाहों से भी चोट लगती है, जब हमें कोई देखकर भी अनदेखा कर देते हैं.. |

ज्यादा परवाह न किया करो किसी की…
लोग बेपरवाह हो जाया करते हैं…!!

तुम समझ लेना बेवफा मुझको, मै तुम्हे मगरूर मान लूँगा
ये वजह अच्छी होगी, एक दूसरे को भूल जाने के लिये..!!

कचरे में फेंकी रोटियां रोज़ ये बयां करती हैं,
की पेट भरते ही इंसान अपनी औकात भूल जाता है..|

जब कोई इंसान दर्द में होता है,
तब वो सबसे ज़्यादा रब्ब के करीब होता है..

चलना छोड़ दिया हमने उन राहों पे…
जहाँ टूटे वादों के टूकड़े चूभते हैं पाँवों में…!!

बेवफा शायरी दिल टूटने वाली

मेरी आँखों से बहने वाला ये आवारा सा आसूँ,
पूछ रहा है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।

वो मुझे भूल गया तो क्या हुआ.. ???
लोग हाथों से दफ़न कर के भूल जाते हैं के कबर कौन सी है..

नहीं अच्छे लगते उन वादों जैसे दिन,
कहां गए वो फरिश्ते जिन्होंने वादे किए थे।

कैसे यकीन करें हम तेरी मोहब्बत का,
जब बिकती है बेवफाई तेरे ही नाम से।

बदलना कौन चाहता है जनाब!!! लोग यंहा मजबूर कर देते हैं बदलने के लिए..|

हर भूल तेरी माफ़ की..
हर खता को तेरी भुला दिया..
गम है कि, मेरे प्यार का..
तूने बेवफा बनके…|

आपकी नशीली यादों में डूबकर,
हमने इश्क की गहराई को समझा,
आप तो दे रहे थे धोखा और,
हमने जानकर भी कभी आपको बेवफा न समझा..!!

तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे,
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे,
अगर दिल ने कहा…|

जुल्मो सितम सहते रहे, एक बेवफा की आस मे..!
डुबो दिया मुझे दरिया ने, दो घूट की प्यास में..!!

दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा…|

एहसान किसी का वो रखते नहीं, मेरा भी चुका दिया..
जितना खाया था नमक मेरा, मेरे ज़ख्मो पे लगा दिया..|

जब तक न लगे ठोकर बेवाफ़ाई की,
हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता है।

गुजारिश हमारी वह मान न सके,
मज़बूरी हमारी वह जान न सके,
कहते हैं मरने के बाद भी याद रखेंगे,…

खुदा! करे तू मेरी याद में खाक छाने,
खुदा! करे मैं तुझे खाक में भी ना मिलू..|

हमें तो कबसे पता था की तू बेवफ़ा है!
तुझे चाहा इसलिए कि शायद तेरी फितरत बदल जाये!!

तन्हाई सौ गुना बेहतर है ….
झूठे वादों से ….. झूठे लोगों से .|

ये बेवफा, वफा की कीमत क्या जाने,
ये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जाने,
जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर,
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने..!!

किरायेदार सी थी तुम्हारी फितरत, कभी पूरी तरह से अपना समझा ही नहीं..|

उन्होंने हमें आजमाकर देख लिया,
इक धोखा हमने भी खा कर देख लिया.
क्या हुआ हम हुए जो उदास,
उन्होंने…|

दिल अब पहले सा मासूम नहीं रहा,
पत्थर तो नहीं बना मगर अब मोम भी नहीं रहा |

कतरा कतरा आग बन के
जला रही है यादे तेरी•••
बरस के इश्क तू भी
दिल की लगी बुझा |

भुला देंगे तुमे भी, ज़रा सबर तो कीजिए,
तुम्हारी तरह बेवफा होने मे थोड़ा वक़्त तो लगेगा..!!

बड़े सुकून से रहते है अब वो मेरे बिना…
जैसे किसी उलझन से छुटकारा मिल गया हो….|

उनकी नजर मै फर्क आज भी नहीं,
पहले मुड़ कर देखते थे, अब देख कर मुड़ जाते है।

फुर्सत में करेंगे तुझसे हिसाब, ए ज़िन्दगी!
अभी तो उलझे हैं खुद को सुलझाने में…

इजाज़त हो तो तेरे चहेरे को देख लूँ जी भर के…
मुद्दतों से इन आँखों ने कोई बेवफा नहीं देखा।

हर किसी के नसीब में कहा लिखी होती हे चाहतें
कुछ लोग दुनिया में आते हे सिर्फ तन्हाइयों के लिए.|

थोड़ा सा छुप-छुप कर खुद के लिए भी जी लिया करो,
कोई नहीं कहेगा की थक गए हो आराम करो..|

ये बेवफा, वफा की कीमत क्या जाने,
ये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जाने,
जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर,
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने..!!

हम रोएंगे इतना, हमें मालूम ना था..||

काश तू सुन पाता खामोश सिसकियाँ मेरी,
आवाज़ कर के रोना मुझे आज भी नहीं आता..|

धोखा भी बादाम की तरह होता है..
जितना खाओ उतनी अक़्ल आती है..!!

सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे,
खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया..!!

भरोसा ना करना इस दुनिया के लोगों पे
मुझे तबाह करने वाला मेरा बहुत अज़ीज़ था.|

हमने वक़्त से बहुत वफ़ा की लेकिन ,
वक़्त हमसे बेवफाई कर गया,
कुछ तो हमारे नसीब बुरे थे,
कुछ लोगों का हमसे जी भर गया..|

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहब्बत का भी,
इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो…

जबरदस्त बेवफाई शायरी

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी..!!

हर भूल तेरी माफ़ की, तेरी हर खता को भुला दिया,
गम है कि मेरे प्यार का तूने बेवफाई सिला दिया।

किस लिए साहेब किसी बे-वफ़ा को अपना कहूँ,
दिल के शीशे को किसी पत्थर से क्यों टकराऊँ में।।

ढूंढा बहुत मगर कहीं महोब्बत नहीं मिली,
उमीदो की रोशनी में सिर्फ ज़िन्दगी जली.. |

रुसवा क्यों करते हो तुम इश्क़ को, ए दुनिया वालो,
मेहबूब तुम्हारा बेवफा है, तो इश्क़ का क्या गुनाह है।

कुछ लोग सीते हैं मेरी शायरियों से ज़ख़्म अपने,
कुछ लोगो को चुभता हूँ मैं एक कांटे की तरह.. ||

रोकना मेरी हसरत थी, चले जाना उनका शौक..
वो शौक पूरा कर गए,मेरी हसरतें तोड़ कर…!

कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,
तुमसे बिछड़ूँ तो मौत आ जाये,
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको…!

यह ज़िन्दगी है साहेब! यहाँ पीठ पीछे छुरा मारने वाले को निर्दोष और भरोसा करने वाले को दोषी मानते हैं..||

रोकना मेरी हसरत थी, चले जाना उनका शौक..
वो शौक पूरा कर गए,मेरी हसरतें तोड़ कर…!

मुझे शिकवा नहीं कुछ तेरी बेवफ़ाई का,
गिला तो तब हो अगर तूने वफ़ा निभाई हो।

जिसके लिए लिखता हूँ आज कल..,
वो कहती हैं अच्छा लिखते हो, उसको सुनाऊँगी..,|

ज़िन्दगी का कोई एहसान नहीं है मुझ पर, मैंने जीने के लिए हर एक सांस की कीमत दी है.. ||

दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे..!

कभी भूल से भी मत जाना मुहब्बत के जंगल मेँ…
यहाँ साँप नहीँ हम सफर डसा करते हैँ |

हम उनके ज़ख्मों पे मरहम लगाते रहे
वो ज़ख्म सीने में मेरे हरदम बनाते रहे |

सब कुछ मिला बस खुदाई के सिवा,
ज़िंदगी बहुत पसंद आई रुसवाई के सिवा,
मेरी चाहत का एहसास भी न होगा,
उसकी हर अदा पसंद आई बेवफ़ाई के सिवा..!!

क्यों जिंदगी से इस तरह तुम दूर हो गए,
क्या बात है जो इस तरह मगरूर हो गए..!!
हम तरसते रहे तुम्हारा प्यार पाने को,
बेवफा बनकर तुम तो मशहूर हो गए..!!

वो सुना रहे थे अपनी वफाओं के किस्से,
हम पर नज़र पड़ी तो खामोश हो गए..|

उसने इतना कह के फ़ोन काट दिया, कि कोई आ गया है|
मुझे आजतक समझ नही आया, घर मे या ज़िन्दगी में.. ||

फितरत तो कुछ यूं भी है इंसान की,
बारिश खत्म हो जाये तो छतरी बोझ लगती है ||

कितना भी प्यार कर लूँ मैं तुमको,
तुम कभी मुझसे वफ़ा कर ही नहीं सकते |

बस इतनी सी ही कहानी थी मेरी मोहब्बत की,
मौसम की तरह तुम बदल गए,
फसल की तरह मैं बरबाद हो गया..!!

हमारा दर्द फैला पड़ा था कागज़ पर,
जो समझा रो दिया जो ना समझा मुस्कृरा दिया||

दर्द भी वही देते हैं जिन्हे हक़ दिया जाता है
वर्ना गैर तो धक्का लगने पर भी माफ़ी मांग लिया करते हैं |

लाखों सदमे  ढेरो  गम, फिर  भी  नहीं  हैं  आंखें  नम.
इक  मुद्दत  से  रोये  नहीं , क्या  पत्थर  के  हो  गए  हम …???

करवटें सिसकिया कशमकश और बेताबी,
कुछ भी कहो मोहब्बत आग लगा देती है ||

इतनी मुश्किल भी न थी राह मेरी मोहब्बत की,
कुछ ज़माना खिलाफ हुआ कुछ वो बेवफा हुए।

मैं ने सबकुछ नज़रअंदाज़ किया हैं…
वरना तुम तो मुझे कब का खो देते…!!

ये इंतज़ार ख़तम क्यों नहीं होता किस से पूछूं,
क्या कोई मंज़िल मेरा मुक़दर है, या यही मेरी अधूरी कहानी है ||

तुम  अच्छे  हो  तो  बेहतर, तुम  बुरे  हो तो भी कबूल.
हम मिज़ाज-ऐ-इश्क़  में, ऐब-ऐ-सनम  नहीं देखा करते||

अगर दुनिया में जीने की चाहत ना होती,
तो खुदा ने मोहब्बत बनाई ना होती,
लोग मरने की आरज़ू ना करते,
अगर मोहब्बत में बेवाफ़ाई ना होती..!!

I hope you liked the best collection of 101+ Best Bewafa Shayari | बेवफा शायरी.

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