Here we have the best collection of Broken Heart Shayari in Hindi.

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1.मुझे अपने किरदार पे इतना तो यकीन है की,
कोई मुझे छोड़ सकता है लेकिन भूल नही सकता…!!

2.इसे इत्तेफाक समझो या दर्दनाक हकीकत,
आँख जब भी नम हुई,
वजह कोई अपना ही निकला !!

3.समझ सका न कोई मेरे दिल को !
ये दिल यूँ ही नादान रह गया !
मुझे कोई गम नहीं इस बात का !
अफसोस हैं की मेरा यार भी मुझसे अंजान
रह गया

4.जिंदगी देने वाले, मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले, रास्तो पर मुझे
अकेला छोड़ गये…!!

5.टूटे हुवे सपनो और रूठे हुवे अपनों ने आज उदास कर दिया |
वरना लोग हमसे मुस्कराने का राज पुछा करते थे ||

6.जख्म बन जाने की आदत है उन्हें रुला कर मुस्कुराने की आदत है उन्हें ;
मिलेंगे कभी तो खूब रुलाएंगे सुना हैं रोते हुए लिपट जाने की आदत है उन्हें ।

7.जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं क्या
समझते हो उसे कोई गम नहीं,
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ
गम छुपा के हंसने वाले भी इस दुनिया मे कम नहीं…!!

8.गर्मी की पहली-पहली बारिश सी तुम!
रूह खुश हो जाती है तुम्हारे आने से…!

9.तेरे शहर के कारीगर बङे अजीब हैं ए दिल,,
काँच की मरम्मत करते हैं पत्थर के औजारों से …!!

10.तरस गई हैं मेरी आंखें तुझे निहारने को,
काश आखिरी बार तुझे थोड़ा और देख लिया होता।।

11.हम कभी मिल ना पाऐ तो माफ करना,
आप को याद ना कर पाऐ तो माफ करना,
इस दिल से तो कभी हम भुला ना पायेंगे आपको,
पर ये दिल ही अगर रूक जाऐ तो माफ करना…!!

12.दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को हैं हमसे पर…,,
ये दिल तो वहाँ बिकेगा जहाँ ज़ज्बातो की कदर होगी !!

13.मोहब्बत अपनी जगह , नफ़रत अपनी जगह,,,
मुझे दोनों हैं “तुमसे”……!!!

14.मेरे इश्क में दर्द नहीं था,
पर दिल मेरा बे दर्द नहीं था,
होती थी मेरी आँखों से नीर की बरसात,
पर उनके लिए आंसू और पानी में फर्क नहीं था…!!

15.रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,,
ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी !!

16.प्यार की आंच से तो पत्थर भी पिघल जाता है,
सच्चे दिल से साथ दे तो नसीब भी बदल जाता है,
प्यार की राहों पर मिल जाये सच्चा हमसफ़र,
तो गिरा हुआ इंसान भी संभल जाता है…!!

17.मुझे तेरे ये कच्चे रिश्ते जरा भी पसंद नहीं आते .
या तो लोहे की तरह जोड़ दे या फिर धागे की तरह तोड़ दे .!

18.एक उम्र गवां दी मैंने, चाहत में तेरी,,,
बड़े खुशनसीब होंगे, तुझे मुफ्त में पाने वाले,,,

19.रह रह कर याद आती हैं बीते पल की यादे,
उन्हें भूल जाना तो मज़बूरी होता है,
जब निभाना हो ज़िन्दगी का साथ,
तो आज के इस पल को गले लगाना जरुरी होता है…!!

20.क्यों सताते हो मुझे यूँ दुरियाँ बढ़ाकर,
क्या तुम्हे मालूम नहीं अधूरी हो जाती है तुझ बिन जिन्दगी .

21.जिस दिन मरोगे,
अपने साथ एक पेड़ भी लेकर जलोगे
प्रकृति का जो कर्ज है,
वो तो चुका दो यारो……
जीते जी अपने दो पेड़ तो लगा दो यारो…

22.क्यों घबराता है पगले दुःख होने से जीवन तो प्रारम्भ ही हुआ है रोने से….!!

23.होंगे दावेदार बहुत तेरी चाहतों के मगर
मैंने तो तेरे ग़मों में हिस्सेदारी चाही है |

24.समझ न सके उन्हें हम,
क्योकि हम प्यार के नशे में चूर थे,
अब समझ में आया जिसपे हम जान लुटाते थे,
वो दिल तोड़ने के लिए मशहूर थे…!!

25.परिसथिति एक ऐसी चीज है.
जो इऩसान को सबकुछ सीखा देती है,
बचपन मे ही बड़ा बना देती है।

26.तुझसे अच्छे तो जख्म हैं मेरे ।
उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ ।।

27.तेरी जुदाई के बाद जिंदगी मुझसे कटी नहीं
फिर ऐसा हुआ, मुझे ज़हर पीना पड़ा…

28.दर्द ही सही मेरे इश्क का इनाम तो आया;
खाली ही सही हाथों में जाम तो आया;
मैं हूँ बेवफ़ा सबको बताया उसने;
यूँ ही सही, उसके लबों पे मेरा नाम तो
आया।

28.अच्छा करते हैं वो लोग जो मोहब्बत का इज़हार नहीं करते…
ख़ामोशी से मर जाते हैं मगर किसी को बदनाम नहीं करते.।।

29.कोई अनजान जब अपना बन जाता है,
ना जाने क्युँ वो बहुत याद आता है,
लाख भुलाना चाहो उस चेहरे को मगर,
अकस उसका हर चीज में नज़र आता
है…!!

30.मेरी जिंदगी का ..बेहतरीन पन्ना हो तुम…
ख्वाब ही सही ..मगर मेरी तमन्ना हो तुम…

31.क्या करियेगा पहचान कर इन चेहरों को अब तो .
अपना चेहरा भी अजनबी सा नजर आता है !!

32.बहुत थक सा गया हूँ खुद को साबित करते करते ,
मेरे तरीके गलत हो सकते है मगर मेरी मोहब्बत नही ।

33.चलो अब जाने भी दो….
क्या करोगे दास्तां सुनकर,,,
ख़ामोशी तुम समझोगे नही….
और बयां हमसे होगा नही !!

34.दिल-ए-नादां तुझे हुआ क्या है ,
आखिर इस दर्द की दवा क्या है |

35.इससे ज्यादा क्या बेचूं
अपनी आंखों के सपने बेच दिए …

36.डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..
और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमे ही उतारा गया…!

37.वो शख्स जिस पे लुटाई थी ज़िन्दगी अपनी
बिना सलाम किये सामने से गुजरा है |

38.ये बात और है के तक़दीर लिपट के रोई वरना !
बाज़ू तो हमनें तुम्हे देख कर ही फैलाए थे !!

39.मैंने अपनी खामोशियों से,
कई बार सुकून खरीदा है… |

40.टूटा हो दिल तो दुःख होता हैं ,

करके मोहब्बत किसी से यह दिल रोता है,

दर्द का एहसास तो तब होता है ,

जब किसी से मोहब्बत हो और उसके दिल में कोई और होता है |

में भी मूंह में ज़बान रखता हूँ ,
काश पूछो के मुद्दआ (matter) क्या है |

41.सब्र जितना था कर लिया मैंने,
अब तुम ना मिलो …तो ही बेहतर है!!

42.तुम शब्दों की जादूगर हो,

मै ख़ामोशी का सौदागर हू,

तुम ने जब चाहा, जो चाहा, कह दिया,

मै हर बार, हर बात हंस कर सह गया।

43.हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है |

44.ताल्लुकात नहीं बढाने अब मुझे,
खुद के जनाजे के आदमी ढूंढ रहा हूं अब तो,, |

45.जान तुम पर निसार करता हूँ
मैं नहीं जानता दुआ क्या है |

46.हर मुस्कान का मतलब प्यार नहीं होता,

हर तकरार का मतलब इंकार नहीं होता

ज़िन्दगी तो बस चलती रहती है,

क्या टूटे दिल से फिर प्यार नहीं होता |

47.हाँ भला कर तेरा भला होगा
और दरवेश की सदा क्या है |

48.बहुत गुरूर है उसे खुद की ताकत पै,
पर कोई उससे पूछो,
कि वो अपना जनाजा खुद ही उठा सकता है क्या |

49.मैं ने माना कि कुछ नहीं ‘ग़ालिब’
मुफ़्त हाथ आए तो बुरा क्या है |

50.एक सुसाइड नोट पड़ा था टेबल में,
जिसमें बस इतना लिखा था,,,,,
चलते हैं सफर में |

51.मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,   

ज़रूरी नहीं कि वो बेवफा होता है

देकर वो आपकी आँखों में आंसू

अकेले में आपसे भी ज़्यादा रोता है |

52.Main bhi munh mein zaban rakhta hun,
Kaash puchho ki muddaa kya hai |

53.जिंदगी ये चाहती है कि, खुदकुशी कर लूं,
मगर मैं इस इंतजार में हूं ,
कि कोई भयानक हादसा हो जाए, |

54.Jab ki tujh bin nahi koi maujud ,
Phir ye hangama ai khuda kya hai |

55.एक उम्मीद का दिया जल रहा था,

जिसे अश्कों की बारिश ने बुझा दिया,

तनहा अकेले खुशी से जी रहा था,

आज फिर आपकी याद ने रुला दिया।

56.आज फिर मैं फुरसत में बैठ कर,
अपने जिंदा होने पर रोया हूं, |

57.सब कुछ तो है क्या ढूंढती रहती हैं निगाहें ,
क्या बात है में वक़्त पे घर क्यों नहीं जाता |

58.  वो जिंदगी ही क्या जिसमें मोहब्बत नहीं,

wo मोहब्बत ही क्या जिसमें यादें नहीं,

वो यादें ही क्या जिसमें तुम नहीं,

और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नहीं।

59.बे नाम सा या दर्द ठहर क्यों नहीं जाता ,
जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नहीं जाता |

60.जो तूने दिया उसे हम याद करेंगे ,

हर पल तेरे मिलने की फ़रियाद करेंगे ,

चले आना जब कभी ख्याल आये मेरा ,

हम रोज़ खुदा से पहले तुझे याद करेंगे ।

61.कूदना पड़ा हमें समंदर में,
हम अपनी ही नाव में बोझ बन चुके थे |

62.वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में ,
जो दूर है वो दिल से उतर क्यों नहीं जाता |

63.हम ने तो सोचा था कि तुम्हे चाहने वाले सिर्फ हम है,

पर तुम्हे चाहने वालो का तो पूरा कारवां निकला

हम तो शिकायत करने खुदा के पास भी गए,

पर वो खुदा भी तेरा चाहने वाला निकला  |

64.मैं अपनी ही ऊलझी हुई राहों का तमाशा ,
जाते हैं जिधर सब में उधर क्यों नहीं जाता |

65.इतने भी कीमती ना थे तुम,
जितनी हमने तुम्हारी कीमत चुकाई, |

66.वादा-ऐ-वफ़ा करो तो फिर खुदा को फ़ना करो

वर्ना खुदा के लिए किसी की ज़िन्दगी न तबाह करो

67.वो नाम जो बरसों से ना चेहरा न बदन है ,
वो खवाब अगर है तो बिखर क्यों नहीं जाता |

68.एक आहट सी आती रहती है दिल में,
कोई तो है शायद जो ढूंढता है मुझे |

69.Kismat ne jaise chaha vaise saanche me dhal gaye hum,

Chale bohut sambhal ke fir bhi fisal gaye hum

Kisi ne vishwas toda to kisi ne dil humara,

Fir kahate hai dunia vaale jaane kyu badal gaye hum

70.Benaam sa ye dard thehar kyon nahi jaata
Jo beet gya hai wo guzar kyon nahi jaata |

71.ज़िंदगी क्या किसी मुफ़लिस की क़बा (clothes) है जिसमे
हर घड़ी दर्द के पेवन्द लगे जाते हैं |

72.गणित पढ़ते पढ़ते बरसो गुजर गये,,,,दोस्तों,,
,,उसकी आँखों में झाँका तो जाना सब शून्य है,, |

73.दर्द ऐसा है की जी चाहे है ज़िंदा रहिए ,
ज़िंदगी ऐसी की मर जाने को जी चाहे है |

74.दोस्तों को भी मिले दर्द की दौलत या रब ,
मेरा अपना ही भला हो मुझे मंजूर नहीं |

75.मुझे बर्बाद कर करतुम आबाद हो जाना
फर्क नहीं पड़ता कहीं भी जानाअगर मर जाऊं मैं तो
मेरी अर्थी को हाथ मत लगानामैडम पहली फुर्सत निकल जाना |

76.अब ये भी नहीं ठीक के हर दर्द मिटा दें ,
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं |

77.दर्द था बेकली थी बहुत दिन हुए ,
ज़िंदगी -ज़िंदगी थी बहुत दिन हुए ,
आज तक मिल रही हैं सजाए हमें ,
एक खता हो गई थी बहुत दिन हुए |

78.दर्द आँखों में था दिल में तूफाने ग़म ,
और लब पर हंसी थी बहुत दिन हुए |

79.मैं जैसा हूँ नहींवैसा बताया गया है
मैं पागल था नहींपागल बनाया गया है |

80.तू ना निभा सकी तो क्या मैं अपनी मोहब्बत को अंजाम दूंगा 

81.तू ना निभा सकी तो क्या मैं अपनी मोहब्बत को अंजाम दूंगा 
तुझ से मिलना ना हुआ नसीब पर मैं अपनी औलाद को तेरा नाम दूँगा  |

82.दर्द उठता है मुसकुराता हों ,
अश्क आते हैं पर नहीं रोता ,
खवाब में भी न आ सके कोई ,
इसलिए रात भर नहीं सोता |

83.नशा शराब में नहीं है क्या तुम्हे पता है 
इश्क़ करके देखो तोते उड़ जायेंगे |

84.सपनों को टूटते देखा है बर्बादी के मंजर देखे हैं 
गैरों से क्या गिला करो अपने क़त्ल का जनाब मैं अपनों के हाथों में खंजर देखे है |

85.किसी को क्या बताये की
कितने मजबूर है हम.
चाहा था सिर्फ एक तुमको और
अब तुम से ही दूर है हम.

86.मुझे नहीं घूमना है 4 बंदियों के साथ गाड़ी में 

मुझे नहीं घूमना है 4 बंदियों के साथ गाड़ी में 
मेरा मन ही नहीं भरता जब मैं देख लो अपनी वाली को साड़ी में |

87.तुम शब्दों की जादूगर हो,

मै ख़ामोशी का सौदागर हू,

तुम ने जब चाहा, जो चाहा, कह दिया,

मै हर बार, हर बात हंस कर सह गया।

88.हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए,
हम मरते गए उनकी बेरुखी से, और वो हमें आजमाते गए,
सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर सीख लेंगी वफाएँ करना,
पर हम रोते गए और वो हमें खुशी-खुशी रुलाते गए.

89.तुम्हारी याद के डर से अपना शहर नहीं बदलूंगा, 

तन्हाइयों से घिरा हुआ वो घर नहीं बदलूंगा। 
ज़िन्दगी के किसी भी मोड़ पर तुम्हारा फोन आ सकता है, 

इसी आस में मै अपना नंबर नहीं बदलूंगा |

90.मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही,
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही,
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है,
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही.

91.दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे.

92.सिर्फ में ही रोया हुँ उसकी मोहब्बत में ये सच नहीं हैं यारों 
आंसू तो उस ने भी बहाये होंगे, अरे बड़ी मुश्किल से डिलीट किया हैं मैंने नंबर उसका, 
मेरी तस्वीर जलाते वक़्त हाथ तो उसके भी कप कपाये होंगे.

93.सब कुछ तो है क्या ढूंढती रहती हैं निगाहें ,
क्या बात है में वक़्त पे घर क्यों नहीं जाता |

94.वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में ,
जो दूर है वो दिल से उतर क्यों नहीं जाता |

95.हम तन्हाई में रोते हैं मगर सीख लिया है महफ़िल में मुस्कुराना 
अब नहीं है मुझे तेरी जरुरत
कभी लौट कर मत आना

96.वो नाम जो बरसों से ना चेहरा न बदन है ,
वो खवाब अगर है तो बिखर क्यों नहीं जाता |


97.काश कोई हम पर भी इतना प्यार जताती |
पीछे से आकर वो हमारी आँखों को छुपाती,
हम पूछते की कौन हो तुम…?
और वो हँसकर खुदको हमारी जान बताती..!!

98.ज़िंदगी में मोहब्बत ही सब कुछ नहीं होती

क्यूंकि सिर्फ मोहब्बत में कामयाब होना कामयाबी नहीं होती
तुम्हे वो कामयाब बना सके ऐसी मोहब्बत

करनाकामयाबी देखकर की गई मोहब्बत मोहब्बत नहीं होती..

99.हम तन्हाई में रोते हैं मगर सीख लिया है महफ़िल में मुस्कुराना 
अब नहीं है मुझे तेरी जरुरत
कभी लौट कर मत आना

100.मोहब्बत मुकद्दर है कोई ख़्वाब नही,
ये वो अदा है जिसमें हर कोई कामयाब नही,
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है,
मगर जो पागल हुए उनका कोई हिसाब नही.


101.मिटा दो नाम तक मेरा किताब-ए-ज़िन्दगी से तुम,
मगर पल-पल रुलाएगी… सताएगी कमी मेरी।

102.वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो,
वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो,
कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको,
क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो.

103.जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें।
हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें।
मर गए हम मगर खुली रही आँखे।
क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं।

104.किसी टूटे हुए दिल की आवाज मुझे कहिये,
तार जिसके सब टूटे हों वो साज़ मुझे कहिये,
मैं कौन हूँ और किसके लिए जिंदा हूँ,
मैं खुद नहीं समझा वो राज मुझे कहिये.

105.कितना अजीब अपनी ज़िंदगी का सफर निकला.
सारे जहाँ का दर्द अपना मुक़द्दर निकला
जिसके नाम अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा कर दिया
अफसोस वही हमारी चाहत से बेखबर निकला !!

106.इरादों में अभी भी क्यों इतनी जान बाकी है,
तेरे किये वादों का इम्तिहान अभी बाकी है,
अधूरी क्यों रह गयी तुम्हारी यह बेरुखी,
अभी दिल के हर टुकड़े में तेरा नाम बाकी है.

107.ऐ दिल मत कर इतनी मोहब्बत किसी से,
इश्क में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा,
टूट कर बिखर जायेगा अपनों के हाथों,
किसने तोड़ा ये भी किसी से कह न पायेगा.

108.दिल मे आरज़ू के दिये जलते रहेगे।
आँखों से मोती निकलते रहेगे।
तुम शमा बन कर दिल में रोशनी करो।
हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे।

109.कितना अजीब अपनी ज़िंदगी का सफर निकला,
सारे जहाँ का दर्द अपना मुक़द्दर निकला,
जिसके नाम अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा कर दिया,
अफसोस वही हमारी चाहत से बेखबर निकला.

110.कितना अजीब अपनी ज़िंदगी का सफर निकला,
सारे जहाँ का दर्द अपना मुक़द्दर निकला,
जिसके नाम अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा कर दिया,
अफसोस वही हमारी चाहत से बेखबर निकला.

111.ज़िंदगी से क्यूँ रूठ गए हो तुम,
इतने मायूस क्यूँ हो गए हो तुम,
जरूर तुम्हारा किसी ने दिल तोड़ा है,
जो इतने बेपरवाह हो गए हो तुम।

112.जाने लागे जब वो छोड़ के दामन मेरा,
टूटे हुए दिल ने एक हिमाक़त कर दी,
सोचा था कि छुपा लेंगे ग़म अपना,
मगर कमबख्त आँखों ने बगावत कर दी.


113.खाली शीशे भी निशान रखते हैं,
टूटे हुए दिल भी अरमान रखते हैं,
जो ख़ामोशी से गुज़र जाये,
वह दरिया भी दिल में तूफ़ान रखते हैं।

114.तुझसे बहुत कहा था कि मुझे अपना न बना,
अब दिल मेरा तोड़ कर मेरा तमाशा न बना।

115.किसी का कत्ल करने पर सजा-ए-मौत है लेकिन,
सजा क्या हो अगर दिल कोई किसी का तोड़ दे?

116.कितना अजीब अपनी ज़िंदगी का सफर निकला,
सारे जहाँ का दर्द अपना मुक़द्दर निकला,
जिसके नाम अपनी ज़िंदगी का हर लम्हा कर दिया,
अफसोस वही हमारी चाहत से बेखबर निकला.

117.चाहते थे जिसको हम उसके दिल बदल गए,
समुन्दर तो वही था लेकिन साहिल बदल गए,
क़तल ऐसा हुआ हर बार किस्तों में मेरा,
कभी खंज़र कभी…तो कभी क़ातिल बदल गये.


118.अब न कोई हमें मोहब्बत का यकीन दिलाये,
हमें रूह में भी बसा कर निकाला है किसी ने।

119.दिल मेरा तोड़ा ऐसे वीरान भी न रहने दिया,
खुद खुदा हो गया मुझे इन्सान भी न रहने दिया।

120.वो रोए तो बहुत पर मुझसे मुंह मोड़ कर रोए,
कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़ कर रोए,
मेरे सामने कर दिए… मेरी तस्वीर के टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए.

121.अब न कोई हमें मोहब्बत का यकीन दिलाये,
हमें रूह में भी बसा कर निकाला है किसी ने।

122.लगे हैं इलज़ाम दिल पे जो मुझको रुलाते हैं,
किसी की बेरुखी और किसी और को सताते हैं,
दिल तोड़ के मेरा वो बड़ी आसानी से कह गए अलविदा,
लेकिन हालात मुझे बेवफा ठहराते है.

123.मुझे इन पत्थरों से खौफ न होता,
अगर शीशे का मेरा घर न होता,
यकीनन मैं भी खेलता इश्क़ की बाज़ी,
अगर दिल टूटने का डर न होता।

124.अश्क बन कर आँखों से बहते हैं,
बहती आँखों से उनका दीदार करते हैं,
माना की ज़िंदगी मे उन्हें पा नही सकते,
फिर भी हम उनसे बहुत प्यार करते हैं.

125.जब लिख ही दिया है तूने मेरा नाम रेत पर,
मिटने का फिर मेरे तू तमाशा भी देख ले।

126.इस तरह अपनी आँखे मटकाओ मत,
तुम्हारे प्यार में पागल हु भटकाओ मत,
अगर तुम नहीं मिले तो मर जाऊँगा मैं,
इस तरह मुझे यूँ तडपाओ मत.

127.चलो मान लिया,
मुझे मोहब्बत करनी नहीं आती,
लेकिन ज़रा ये तो बताओ,
तुम्हे दिल तोड़ना किसने सिखाया?

128.हमें यकीं था अपनी वफ़ा पर
हुआ ना लेकिन कोई असर तुम्हें.
हमने कभी यह भी चाहा था
के भूलें ना कभी मर कर तुम्हें.
खवाब तुम्हारे अब सजाएं या ना
बताएंगे दिल से पूछ कर तुम्हें.

129.एक तुम मिल जाते बस इतना काफ़ी था,
सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।

130.देती है सुकून रूह को काँटों की चुभन भी,
खुशबू से कभी होती है सीने में जलन भी।

131.खुद को समेट के, खुद में
सिमट जाते है हम,
जब याद तेरी आती है,
फिर से बिखर जाते है ह.

132.कुछ अजीब सा रिश्ता है
उसके और मेरे दरमियां,
ना नफरत की वजह मिल रही है
ना मोहब्बत का सिला.

133.फिर नहीं बसते वो दिल जो एक बार टूट जाते हैं,
कब्र कितनी ही संवारो कोई ज़िंदा नहीं होता।

134.कदम कदम पे बहारों ने साथ छोड़ दिया,
पड़ा जब वक़्त तब अपनों ने साथ छोड़ दिया,
खायी थी कसम इन सितारों ने साथ देने की
सुबह होते देखा तो इन सितारों ने साथ छोड़ दिया.

135.दिल जो टूटा तो कई हाथ दुआ को उठे,
ऐसे माहौल में अब किसको पराया समझें।

136.जिंदगी की हक़ीकत सिर्फ इतनी होती है,
जब जागता है इंसान तो किस्मत सोती है,
इंसान जिस पर अपना हक़ खुद से ज्यादा समझता है,
वो अमानत अक्सर किसी और की होती है.

137.इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा,
यादें कटती हैं ले-ले कर नाम तेरा,
मुद्दत से बैठे हैं ये आस पाले कि
आज आयेगा कोई पैगाम तेरा.

I hope you liked the best collection of 101+ Broken Heart Shayari in Hindi.

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