Global Warming in Hindi Essay | ग्लोबल वार्मिंग पर निभंद

आज हम आपके लिए लेकर आये है वैश्विक तापमान पर एक निबंद | Global Warming in Hindi. अगर आप 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 क्लास में पढ़ रहे है तो आप यहाँ ग्लोबल वार्मिंग पर निभंद का इस्ते माल कर सकते है

Global Warming Essay In Hindi | ग्लोबल वार्मिंग निभंद

Global Warming जिससे हम हिंदी में वैश्विक तापमान व भूमंडलीय ऊष्मीकरण भी कहते है, एक बहुत गंभीर समयस्यावो में से एक है.इसके कई सारे कारण है और इसके कई भयंकर परिणाम भी है| इसके अलावा हम आज ग्लोबल वार्मिंग रोकने के उपाय भी जानेंगे

ग्लोबल वार्मिंग क्या है?

अगर हम सरल भाषा में समझे तो,धरती के वातावरण के तापमान में लगातार हो रही विश्वव्यापी बढ़ोतरी को ‘ग्लोबल वार्मिंग’ कहा जा रहा है|

जैसे की हम सब जानते है की धरती को ऊर्जा सूर्य से मिलती है| सूर्य से आने वाली किरणे धरती के वायुमंडल पर आती है लेकिन उसमे से थोड़े किरणे ही धरती तक पहुँचती है जिससे धरती को ऊर्जा मिलती है और इस प्रकार धरती के वातावरण को गर्म बनाए रखता है. और बाकी जो किरणे है वो वहीं से परावर्तित होकर पुन: लौट जाती हैं।

मनुष्यों, प्राणियों और पौधों के जीवित रहने के लिए कम से कम 16 डिग्री सेल्शियस तापमान आवश्यक होता है। लेकिन यहाँ गौर करने वाली बात है की हमारा वायुमंडल कई गैसों से बना है, जो की सूर्य की किरणों को रोकते है|. लेकिन मनुष्य के दुर्बुद्धि के कारण यहाँ गैसों की अनुपात बढ़ जाता है जिसकी वजह से हमारा वायुमंडल ज्यादा किरणे को रोक लेता है, और इन सबका परिणाम स्वरुप धरती का तापमान बढ़ता है जिसको हम ग्लोबल वार्मिंग बोलते है |

ग्लोबल वार्मिंग के कारण

ग्लोगल वार्मिंग कई चीज़ो से होता है, लेकिंग अदिकांश ग्रीन हाउस गैसों से ही होती है| तो चलिए जान लेते है की ग्लोबल वार्मिंग के कारण।

  • ग्रीनहाउस गैस कंपाउंड्स का एक समूह है जो वायुमंडल में गर्मी (विकिरण) को रोकने में सक्षम होती हैं, यह पृथ्वी की सतह को गर्म रखती है इतनी गर्म जितनी की वह इसकी गैरमौजूदगी में नही होती। ग्रीन हाउस गैसेस में H2O,CO2, CH4, N2O और O3 मौजूद है|
  • गर्मियों में उपयोग होने वाली रेफ्रिजरेंट से क्लोरोफ्लोरोकार्बन नामक गैस निकलता है, जो आगे जाके ओजोन को हानि पहुंचती है जिससे धरती पर हानिकारक किरणे आती है |
  • प्रदूषण एक गंभीर समस्या है जिससे कई नुकसान है जिसमे से ग्लोबल वार्मिंग भी एक है| धरती पर कारखानों की बडौती के कारण हानिकारक गैसे निकलती है जैसे की मीथेन CH4, नाइट्रोजन N2O और ओजोन O3.
  • मनुष्य अपने अनुकूल लिए नदियों के दिशा बदल रहा है जिससे नदिया सुख रही है| और घर व् बिल्डिंग बनाने के लिए कई पेड़ काटे जा रहे है जिस से कार्बोन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ रहा है |
  • आज कल लोग भरी मात्रा में द्विचक्र व कार जैसी वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे है जिससे को कार्बन डाइऑक्साइड जैसे गैस निकलते है जो की ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देते है |

ग्लोबल वार्मिंग के घातक परिणाम

  • ग्लोबल वार्मिंग के चलते बड़े बड़े बर्फीले पहाड़ पिघलने लगे है जिससे बाढ़ आ रही है |
  • धरती पे बढ़ते तापमान से मनुष्य और प्राणियों का जीवित रहना कठिन होता जा रहा है |
  • ग्लोबल वार्मिंग के चलते च्लोरो फ्लोरो कार्बन जैसी ग्रीन हाउस गैसों से ओजोन का पर्दा नष्ट होता जा रहा है जिससे सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणे धरती पे आएगी
  • धरती पर असंतुलित तापमान के कारण कठोर मौसम जैसी नयी परेशानिया चालू हो गयी है
  • कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने के चलते सागर व् समुन्दर में अम्लीकरण बढ़ता जा रहा है जिससे समंदर में एसिड के मात्रा ज्यादा हो रहा है

ग्लोबल वार्मिंग रोकने के उपाय

  • रेफ्रिजरेंट व AC जैसे चीज़ो का इस्तेमाल काम किया जाए जिससे ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देने वाली च्लोरो फ्लोरो कार्बन काम निकले
  • ज्यादा से ज्यादा पेड़ और पौदे लगाए जाए जिससे कार्बन डाइऑक्साइड के मात्रा काम हो
  • प्रकृति को न ही छेड़े तो बेहतर नहीं तो अनगिनत प्रॉब्लम आएँगी
  • यात्रा करने के लिए ट्रैन व बस जैसी सामूहिक वाहनों का उपयोग करे
  • पेट्रोल की गाड़ियों के बजाये सूरज और करंट से चलने वाली वाहनों व् मचिनो का इस्तेमाल करे |
  • पानी का पप्रदूषित न करे और संभालके उपयोग करे|

ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ी समस्या है, अगर हम इसको समय रहते नियंत्रित न करे तो हमारा विनाश खचित है| उदाहरण के लिए पृथ्‍वी के वायुमंडल के औसत तापमान में 2005 तक 100 वर्षों के दौरान 0.74 ± 0.18 °C (1.33 ± 0.32 °F) की वृद्धि हुई है।इसी कारण हम सब लोगोको मिलकर ग्लोबल वार्मिंग का समाधान करना होगा

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