101+ Nafrat Shayari | नफरत शायरी | Hate Shayari Collection

Nafrat Shayari best Collection.

नफरत एक मजबूत शब्द है, और यह कहना आसान है कि आप किसी से या किसी से नफरत करते हैं। लेकिन वास्तव में इसका अर्थ क्या है? आप एक पल के लिए शब्द के बारे में सोच सकते हैं, लेकिन फिर अपने जीवन के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

यदि आपको उन सभी चीजों को लिखने के लिए मजबूर किया गया है जिनसे आप इस दुनिया में नफरत करते हैं, तो क्या वे पाठ से भरे पूरे पृष्ठ को भरने के लिए पर्याप्त होंगे? ऐसा लगता है कि ज्यादातर लोगों के पास बहुत सारी चीजें हैं जो उन्हें पसंद नहीं हैं, लेकिन बहुत कम लोग वास्तव में कलात्मक तरीके से अपनी घृणा व्यक्त करने के लिए समय लेते हैं।

इस ब्लॉग पोस्ट में वेब के चारों ओर से 100 सर्वश्रेष्ठ नफरत शायरी कविताएँ हैं ताकि आप उन्हें पढ़ सकें और घृणा के इन भावुक अभिव्यक्तियों से प्रेरित हो सकें। ये कुछ सही मायने में प्रेरणादायक टुकड़े हैं!

यकीन भी रखा सबर भी किया इंतज़ार के सब हद भी पार किया,
नाही तो वक़्त बदला और नहीं खुशियां नसीब हुई, |

जरूरत है मुझे नये नफरत करने वालों की,
पुराने तो अब मुझे चाहने लगे है |

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे |

Mohabbat Hai Ki Nafrat Hai,
Koi Itna Toh Samjhaye,
Kabhi Main Dil Se Larti Hun,
Kabhi Dil Mujh Se Larta Hai.

नफरतें इश्क़ भी बड़ी की होती है उनसे,
उनसे नफरत दिखता है और दिल ही दिल में प्यार करता है उनसे,|

Jab Aap Kisi Se Rooth Kar Nafrat Se Baat Karo,
Aur fir bhi Wo Uska Jawab Mohabbat Se de,
To Samajh Jaana Ki Wo Aapko Khud Se Zyada Pyar Karta Hai.

चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह,
देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह,
जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों,
सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह |

Attitude Nafrat Shayari

नफरतें समुंदर को देख के सीखा है मैने प्यार करना ,
जब तक मोहब्बत है खूबसूरत नजारा है और दिल टूटा हो तो हर तरफ तबाही है,|

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है |

Ek Nafrat hi hai jisey,
Duniya chand Lamho mein jaan Leti hai,
Warna, Chahat ka yakin..
Dilane mein to Zindagi Beet jaati hai.|

खुदा सलामत रखना उन्हें,
जो हमसे नफरत करते हैं,
प्यार न सही नफरत ही सही,
कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं |

Nafrat b pyar ki buniyad hoti hai.
Mulaqaat se achi kissi ki yaad hoti hai.
Rishto me faslo ka wajud nahi hota.
Kyuki Dil ki duniya to khayalo se abaad hoti hai.|

बैठ कर सोचते हैं अब कि क्या खोया क्या पाया,
उनकी नफरत ने तोड़े बहुत मेरी वफ़ा के घर |

नफरत चांद की सितारों से हो तो वो अपनी चांदनी रोशनी कम कर देता है,
हम चांद तो नहीं पर अपनी सांसे हम भी कम कर सकते हैं,|

Mujh Se NAFRAT Ki Ajab Raah Nikali Us Ne,
Hasta Basta Dil Kar Diya Khali Us Ne,
Meray Ghar Ki Riwayat Se Woh Khoob Waqif Tha,
JUDAI Mang Li Ban Ke SAWALI Us Ne!

हक़ देंगे पूरा उसे निभाने का,
कबूल करते हैं नफरत तेरी,
खैरात में जो मिले हमें,
काबुल तो उसकी मोहब्बत भी नहीं करते हम,|

वो नफरतें पाले रहे हम प्यार निभाते रहे,
लो ये जिंदगी भी कट गयी खाली हाथ सी |

Wo inkaar karte hain ikraar ke liye,
Nafrat bhi karte hain to pyar ke liye,
Ulti chaal chalte hain ye ishq karne wale,
Ankhein band karte hain deedar ke liye

नफरत शायरी for girlfriend

बिन पिए शराब नफरत करना शराब से
ये जहालत(ज्ञान न होना) से कम नहीं, |

जो ख़ुद बर्बाद हैं उन्हें सब बर्बाद नज़र आता है
नफ़रतों का बाज़ार उन्हें आबाद नज़र आता है,
मोहब्बत बांटते हैं हम तो रंगों में भी अक्सर
धर्म के ठेकेदारों को सिर्फ़ जिहाद नज़र आता है…|

तुम्हारी नफरत पर भी लुटा दी ज़िन्दगी हमने,
सोचो अगर तुम मुहब्बत करते तो हम क्या करते |

नफरतों के बाजार में प्यार बेचते है,
और कीमत में बस दुआ लेते है,|

जिन्दगी भर तुझ से मिलने की दुआ की सोचा ना था ऐसा भी दिन आएगा,
मुझे ऐसा भी दुआ करनी पड़ेगी अये खुदा उसे दिल से निकाल दे,

Ye Mat Kahna Ki Teri Yaad Se Rishta Nahi Rakha,
Mai Khud Tanha Raha Dil Ko Magar Tanha Nahi Rakha,
Tumhari Chahton Ke Phool To Mehfooz Rakhe Hai,
Tumhari Nafrato Ki Peedh Ko Zinda Nahi Rakha.

यही तो राज़-ए-उल्फ़त है जो हर आंसू का रुख़ मोड़ा…
बहुत ख़ुश हैं तेरे बारे में जबसे सोचना छोड़ा….💔

है खबर अच्छी कि आजा मुंह तेरा मीठा करें,
नफरतें तेरी हुई हैं बा-खुशी दिल को कुबूल |

Teri Nafrat Ma Wo Dam Nahi,
Jo Meri Chahat Ko Mita De Aye Sanam,
Ye Mohabbat Hai Koi Khel Nahi,
Jo Aaj Hans Ke Khela Aur Kal RoKe Bhula Dein.

दुनिया हमें वही बनाना चाहती है जो हम नहीं बनना चाहते।

भुलाना ही था मुझको तो नफरत का सहारा क्यूँ,
डूबने देते मुझको यूँ ही दिखाया था किनारा क्यूँ |

तुझसे खफा भी रहते थे और वफा भी करते थे पहले तुझे खोना नहीं चाहते थे अब तुझे पाना नहीं चाहते हैं,|

Agar itni hi Nafrat hai humse toh,
Dil se kuch aisi Dua kro,
Ki aaj hi tumhari Dua bhi puri ho jaye,
Aur hamari zindagi bhi.

मुझे पूरा समझने की चाह में ,
लोग बीच में नफरत करने लगते हैं ।

नफ़रत हो जायेगी तुझे अपने ही किरदार से,
अगर मैं तेरे ही अंदाज में तुझसे बात करुं |

Nafrat Shayari for Boyfriend

यकीन भी रखा सबर भी किया इंतज़ार के सब हद भी पार किया,
नाही तो वक़्त बदला और नहीं खुशियां नसीब हुई,|

Ek Nafrat hi hai jisey,
Duniya chand Lamho mein jaan Leti hai.. Warna.
Chahat ka yakin Dilane mein to Zindagi Beet jaati hai.

हो ग़र इबादत कोई तो सिर झुका लेना चाहिए
रूठा हो कोई अपना ग़र तो मना लेना चाहिए,
नफ़रत की आंधियां चलती रहती है हर पल यहां
रिश्तों के चिराग़ों को हवाओं से बचा लेना चाहिए…..

Jab Aap Kisi Se Rooth Kar Nafrat Se Baat Karo,
Aur fir bhi Wo Uska Jawab Mohabbat Se de,
To Samajh Jaana Ki Wo Aapko Khud Se Zyada Pyar Karta Hai.

जब हम मुस्कुराते थे तो उदशिया भी कहती थी मासा अल्लाह,
तेरे प्यार में खुद को इतना बदल दिया अब दुनिया कहती है तोबा अल्लाह,

हमने तो लोगों को सच्चा प्यार भी भूलते देखा है,
मुझसे तेरा झुटा प्यार भी नहीं भुलाया जाता,

Nafrat b pyar ki buniyad hoti hai.
Mulaqaat se achi kissi ki yaad hoti hai.
Rishto me faslo ka wajud nahi hota.
Kyuki Dil ki duniya to khayalo se abaad hoti hai.

दर्द बांटते बांटते ना जाने कब दर्द देने लगे ,
इश्क था हमें ना जाने कब  नफरत देने लगे ।

Humse Nafrat Karo Ya Mohabbat,
Dono Hamare Haq Me Behtar Hai,
Kyun Ki Agar Tum Nafrat Karoge To Hum,
Tumare Dimag Me Bas Jaynge,
Agar Mohabbat Karoge to Dil Main.

Nafrat Shayari Image

पाले रहें वो नफरते हम इश्क़ निभाते रहे,
जिंदगी भी ये कट गई खली ही हाथ,

तुम अमीर बनो। मैं तो तुमसे प्यार करके कब का रईस बन चुका। 💔

Na Jaane Kis Shaks Ka Intezaar Hume Aaj Bhi Hai,
Sukoon To Bahot Hai Pr Dil Bekarar Aaj Bhi Hai,
Tumne Hume Nafraton Ke Siva Kuch Nahi Diya Lekin,
Hume Tumhari Nafraton Se Pyar Aaj Bhi Hai.

नाही तुम कभी आ सके और नाही हम कभी जा सके,नाही तुम कभी याद कर सके और नाही हम तुम्हे कभी भुला सके,

कभी बैठेंगे फुरसत में खुदा के सामने और पूछेंगे,वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम अपने यार को दे ना सके,|

पट्टी और चश्मे में एक फ़र्क़ होता है। आँखों पर पट्टी होने से आपको कुछ नही दिखेगा।

आप वही जानेंगे जो लोग आपको सुनाएंगे।

आंखों पर चश्मा रहने से आप सब कुछ देखियेगा और लोगो को पता भी नही चलेगा कि आपने क्या क्या देखा।

आपके आँखों की नमी कोई नही देख पायेगा।

Nafrat Kabhi Na Karna Hum Se,
Ye hum Kabi na Seh Payein Gey,
Ek bar keh Dena humse k Zarorat Nahi Ab Tumhari
Hum Tumhari Duniya se Hans k Chalay Jaein Gey!

ये तेरी हल्की सी नफ़रत और थोड़ा सा इश्क़, यह तो बता ये मज़ा-ए-इश्क़ है या सजा़-ए-इश्क़।

ना मेरा प्यार कम हुआ, ना उनकी नफरत, अपना-अपना फर्ज था, दोनों अदा कर गये।

मोहब्बत दुनिया का सबसे नायाब अहसास है।
उसके आभाव में दुनिया का कोई भी रिस्ता फल-फूल जाए यह असम्भव है।

खुद से नफरत शायरी

Wo inkaar karte hain ikraar ke liye,
Nafrat bhi karte hain to pyar ke liye,
Ulti chaal chalte hain ye ishq karne wale,
Ankhein band karte hain deedar ke liye.

Chand lamhon ki zindagani hai,
nafraton se jiya nahi karte,
lagta hai dusamanon se guzarish karni padegi,
dost to aab yaad kiya nahi karte.

अगर तुम थे सनम बेवफा तो आंखे मिलाई ही क्यूं थी,छोड़ के जाना ही था तो अपनी आदत लगाई ही क्यूं थी |

Udas na baitho fiza tang karegi,
Gujre hue lamho ki sazaa tang karegi,
Kisi ko na lao dil ke itna karib,
Kyunki uske jane ke baad uski har adaa tang karegi.

कोई तो हाल-ए-दिल अपना भी समझेगा, हर शख्स को नफरत हो जरूरी तो नहीं।

हम वो ना थे जो टाइम पास के लिए तुम्हे याद करते थे,हम तो अपने बीजी टाइम से भी वक़्त उधार लेकर तुम्हे याद करते थे |

दिल अगर सूरत ही देख के लगानी थी तो पहले बता देते,क्यूट तो कुत्ते भी बहोत होते हैं,|

नफरत मत करना हमसे हमें बुरा लगेगा, बस प्यार से कह देना तेरी जरुरत नहीं हैं।

Gawache hoye haan teriyan yaadan vich
Khayalan sadeyan ch tu vi khoh ja ve..!!
Asi taan ho gye tere sajjna
Hun tu vi sada ho ja ve..!!

क़त्ल तो लाजिम है इस बेवफा शहर में, जिसे देखो दिल में नफरत लिये फिरता हैं।

मेरे दिल ने मुझे ऐसा बना दिया,
हम तुम्हे चुरा तो सकते हैं पर भुला नाही सकते,|

Jo bhalde rahe c arse ton
Aa fatt mere oh sil gayian..!!
Naaz e ohna mohobbtan te
Jo tere vehre mil gayian..!!

शिकायत हां भरपूर कर
आ जो गलतफहमी है दूं दूर कर
कभी प्यार कभी गुस्सा कभी नफरत
मोहतरमा पहले तू किसी एक को चूज कर|

अपनों से नफरत शायरी

लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है, नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो हैं।

काश तुम रहते मेरे साथ जब तक हम दोनों की जिंदगी थी,मेरे हालात क्या बदले तुम्हे भी वक़्त ना लगा बदलने में,|

तुम ना थे मेरी किस्मत में इसलिए मिलके भी बिछड़ गए,अगर होते किस्मत में तो बिछड़ के भी मिल जाते,|

बस तेरे एक जिद ने मुझे क्या से क्या करदिया,दिल की किताब तो बस तेरे लिए थी तूने इसे सरे आम कर दिया,

इश्क़ करे या नफरत इजाज़त है उन्हें, हमे इश्क़ से अपने कोई शिकायत नहीं।

यकीन नहीं दिलाना पड़ता दुनिया को नफरत का,
पर सबूत देना पड़ता है मोहब्बत का,|

नफरतों के लिए यहाँ वजह ढूंढी जाती है,
बिना किसी वजह सिर्फ मोहब्बत होती है, |

मुश्किल है अपना मेल प्रिये। 💔
तुम्हारा दिल हैं या फिर जेल प्रिये। 💔

दुनिया को नफरत का यकीन नहीं दिलाना पङता, मगर लोग मोहब्बत का सबूत ज़रूर मागते हैं।

दरारे रास नहीं आती
मुझको रिश्ते नातों की पहाड़ी में
ये एक दिन फैल जाती है
झुलसती हुई नफरत की खाई में..

अगर रूठा रहूँ तो मनाने आ जाना,
वो आखिरी वादा निभाने आ जाना।
इस जिंदगी में मेरी न हो सकी फिर भी,
मेरी मौत पर ‘मय्यत’ सजाने आ जाना।

है खबर अच्छी के आजा मुँह तेरा मीठा करें, नफरतें तेरी हुई है बा-खुशी दिल को कबूल।

Nafrat Shayari 2 line

मेरे बस में नहीं था..
तुमसे नफ़रत करना!!

पहले इश्क़, फिर दर्द, फिर बेहद नफरत, बड़ी तरकीब से तबाह किया तुमने मुझको।

इस पर ग़ज़ल लिखने की कोशिश है….इंशा अल्लाह ग़ज़ल जल्द पूरी होगी 😊😄 |

नफरत के बाजार में जिने का अलग ही मजा हैं,
लोग रुलाना नहीं छोड़ते और हम हँसना नहीं छोड़ते, |

नहीं हो तुम हिस्सा अब मेरी हसरत के,
तुम काबिल हो तो सिर्फ नफरत के,|

नफरत सी होने लगी है इस सफ़र से अब,
ज़िन्दगी कहीं तो पहुँचा दे खत्म होने से पहले।

छोड़ ये बात कि मिले ज़ख़्म कहाँ से मुझको,
ज़िन्दगी इतना बता कितना सफर बाकी है।

Pyaar Tha To Nafrat Kaha Se Aai

Chaahat Thi To Berukhi Kaha Se Aai

Ae Khuda Yah Kaisa Mod Aaya He

Uski Chaahat Uske Pyaar

Me Farak Kyun Aaya He…!!

Mana Mazburiyan Hai Kuch

Mana Ki Pyar Me Kamjauriyan Hai Kuch

Per Itni Berukhi Itni Nafrat Ki

Tinka-Tinka Mar Rahe Ho Apne Pyaar Ko

Ki Tinka-Tinka Zala Rahe Ho Apne Pyaar Ko….!!

ज़िन्दगी जिसका बड़ा नाम सुना है हमने,
एक कमजोर सी हिचकी के सिवा कुछ भी नहीं।

मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है,
कभी नफरत तो कभी दिलो का मेल है,
बिक जाता हैं हर रिश्ता दुनियां में,
सिर्फ दोस्ती का यहा नाँट पर सेल हैं,

मोहब्बत करो तो हद से ज्यादा,
और नफरत करो तो उससे भी ज्यादा,|

ज़िन्दगी भी तवायफ की तरह होती है,
कभी मजबूरी में नाचती है कभी मशहूरी में।

नहीं हो तुम हिस्सा अब मेरी हसरत के,
तुम काबिल हो तो सिर्फ नफरत के,|

छोड़ ये बात कि मिले ज़ख़्म कहाँ से मुझको,
ज़िन्दगी इतना बता कितना सफर बाकी है।

Mar Kar Tamnna Jine Ki Kise Nahi Hoti

Ro Ke Khush Hone Ki Tamnna Kise Nahi Hoti

Kah To Diya Ke Ji Lenge Apno Ke Begair

Per Apno Ki Tamnna Kise Nahi Hoti….!!

मोहब्बत करो तो हद से ज्यादा,
और नफरत करो तो उससे भी ज्यादा,|

कुछ लोग हमारी नफरत के काबिल भी ना होते,
और हम उन पर अपनी मोहब्बत जाया कर देते हैं,|

ज़िन्दगी जिसका बड़ा नाम सुना है हमने,
एक कमजोर सी हिचकी के सिवा कुछ भी नहीं।

तरक्की के दौर में नफरत लिये फिरते हैं,
जब अंहकार टुटता तो दर दर भटकते है,|

तेरी नफरत में वो तो दम कहाँ,
जो मेरी चाहत को कम करे,|

मुझसे नफरत करनी है तो इरादे मजबूत रखना,
वरना जरा सा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी,|

इश्क़ में वफा का ग़ुरूर जब टूटता हैं,
तब सबसे ज्यादा नफरत खुद से ही होती हैं,|

चला जाऊँगा मैं धुंध के 🌧 बादल की तरह

देखते रह जाओगे मुझे 🤕 पागल की तरह

जब करते हो मुझसे इतनी 😡 नफरत तो क्यों

सजाते हो आँखो 👀 में मुझे काजल की तरह….!!

वो रात दर्द और सितम की रात होगी

जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी

उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर

कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी….!!

गुजरे हैं तेरे इश्क़ में कुछ इस मुकाम से,
नफरत सी हो गई हैं मोहब्बत के नाम से,|

इतनी नफरत हैं उसे मेरी मोहब्बत से,
उसने अपने हाथ जला लिए मेरी तकदीर मिटाने के लिए,|

Me saans rokna chaahta tha

Is nirdai duniya se dur jaana chaahta tha

Qki wo her saans me mujhe yaad aati thi

Per me aisa kar nhi paaya

Qki yah zindagi bhi to usi ki thi

Me use aise hi samaapat kaise kar sakta tha….!!

एक झूठ मैने तुमसे कहाँ मुझे नफरत हैं तुमसे,
एक झूठ तुम भी कह दो तुम्हें मोहब्बत हैं मुझसे,|

दिल टुटना लाज़मी था इस शहर में,
जहाँ हर कोई दिल में नफरत लिये चलता है,|

किसी के लिए तो नफरत से भर दे,
भर गया उसका दिल मोहब्बत से,|

Tere Bina Hum Jeena Bhul Jaate Hai

Zakhmo Ko Sina Bhul Jaate Hai

Too Zindagi Me Sab Se Ajeez Hai Hame

Tujhse Her Baar Yah Kahna Bhul Jaate Hai….!!

वो इंकार करते हैं इकरार के लिए,
नफरत करते हैं तो प्यारा के लिए,
उलटी चाल चलते हैं ये इश्क़ वाले,
आँखें बंद करते हैं दीदार के लिए,

कोई गुस्सा हो तुम्हारी भलाई के लिए,
समझ लेना उसके दिल में प्यार बहुत हैं तुम्हारे लिए,

नफरत हो तो यकीन नहीं दिलाना पड़ता हैं,
मोहब्बत में ही सबूत कि जरुरत पड़ती हैं,|

चंद लम्हों की ज़िन्दगी है नफरत से नहीं जिया करते

दुश्मनों से क्या शिकायत करे अब तो दोस्त भी याद नहीं किया करते|

इश्क़ या खुदा को दिल मे बसा लो,
दिल से नफरत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी,|

नफरत अक्सर वहीं करते हैं,
जो कुछ ज्यादा ही फुरसत में होते हैं,|

जीते थे कभी हम भी शान से

महक उठी थी फ़िज़ा किसी के नाम से

पर गुज़रे हैं हम कुछ ऐसे मुकाम से

की नफरत से हो गयी है मोहब्बत के नाम से

कोई तो वजह होगी बेवजह को नफरत नहीं करता,
हम तो उनकी दिल कि समझते हैं,
वो हमे समझने की कोशिश नहीं करता,|

Hate Shayari in Hindi

तुझसे इतना प्यार क्यों किया,कभी

कभी ये सोचके खुद से नफरत हो जाती है |

दिल में अगर पली बेजान कोई हसरत ना होती,
हम इंसानों को इंसानों से यू नफरत ना होती,|

प्यार नहीं करती तुमसे नफरत करती हूँ

दूर हो जाओ मेरी नज़रों से, बस यही दुआ करती हूँ

बड़ी हसीं थी ज़िन्दगी

जब न किसी से मोहब्बत  न किसी से नफरत थी

ज़िन्दगी में एक मोड़ ऐसा आया उनसे मोहब्बत हुई

और नफरत साडी दुनिया से हो गयी


दुनिया को नफरत का यकीन नहीं दिलाना पड़ता,

लेकिन लोग मोहब्बत का सुबूत जरूर मांगते हैं

दिल ने ये कहा है दिलसे,

नफरत होगयी है तुमसे |

प्यार करता हूँ तो फ़िक्र करता हूँ,

अगर नफरत करने लगा तो ज़िक्र भी नहीं करूंगा  |

जिसकी अंहकार पुरखो कि कमाई पर पले हैं,
आज वो हमसे नफरत कि लड़ाई जितने चले हैं,|

झूठी नफरत को जताना छोड़ दे,
भिगों के खत मेरा जलाना छोड़ दे,|

पता है प्यार करके क्या मिला

अजीब रिश्ता रहा कुछ अपनों से मे

रान नफरत की वजह मिली न मोहब्बत का सिला


एक वक़्त था जब मैं तेरे लिए दुनिया से लड़ सकता था,

अब तो तेरी मोहब्बत से भी नफरत करता हूँ |

उसकी नफरतो को धार किसने दी,
मोहब्बत के हाथों तलवार किसने दी,|

नफरत कभी न करना तुम हमसे

ये हम सह नहीं पाएंगे

एक बार कह देना हमे ज़रुरत नहीं तुम्हारी

तुम्हारी दुनिया से हंसकर चले जायेंगे

फूलो के साथ काटें भी मिल जाते हैं,
खुशी के साथ गम भी मिल जाते हैं,
यह तो मजबूरी हैं हर आशिक़ कि,
वरना प्यार में नफरत कोई जान बुझ कर नहीं करता,

चाह कर भी मुंह फेर नहीं पा रहे हो,
नफरत करते हो या इश्क़ निभा रहे हो,

कुछ लोग तो मुझसे इसलिए भी नफरत करते हैं,क्यूंकि बोहत सारे लोग मुझसे प्यार करते हैं |

अगर इंसान खुशी चाहते हैं,
तो फिर क्यों दिल में नफरत पालते हैं,|

तोड़ेंगे गरूर इश्क़ का और इस क़दर सुधर जायेंगे,

खड़ी रहेगी मोहब्बत रस्ते में और सामने से गुज़र जायेंगे


  नफरत मत करना हमसे, हमें बुरा लगेगा ,

बस प्यार से कह देना अब तुम्हारी जरूरत नहीं है |

थी नफरत अक्स से वो आईना तोड़ना सिख गया,
वो अपनी गलती पर भी मुँह मोड़ना सिख गया,

खुदा सलामत रखना उनकोजो हमसे नफरत करते हैं

प्यार न सही नफरत ही सहीकुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं

पेश आने लगे हैं जो नफरत से,

लगता है भर गया है दिल मोहब्बत से |

ऐ दोस्तों नफरतो को पाल कर उससे चिनगारी मत लगाओ,
खुदा ने तुमको क्या नहीं दिया कुछ अपना भी दिमाग लगाओ,|

तेरी नफरत को मैने प्यार समझ कर अपनाया हैं,
प्यार से ही नफरत खत्म होता हैं,
तूने ही तो समझाया हैं,|

मोहब्बत सच्ची हो तो कभी नफरत नहीं होती हैं,
अगर नफरत होती हैं तो मोहब्बत सच्ची नहीं होती हैं,|

  नफरत मत करना हमसे, हमें बुरा लगेगा ,

बस प्यार से कह देना अब तुम्हारी जरूरत नहीं है |

Zindagi Se Nafrat Shayari

खुदा सलामत रखना उन्हें,
जो हमसे नफरत करते हैं,
प्यार ना सही नफरत ही सही,
कुछ तो है जो सिर्फ हमसे करते हैं,|

मुसाफिर हूँ यारों, फ़िक्र मत करना,

यादों से भी चला जाऊंगा |

पेश आने लगे हैं जो नफरत से,

लगता है भर गया है दिल मोहब्बत से |


मैं खुश हूँ कि उसकी नफरत का अकेला वारिस हूँ मैं,

वरना मोहब्बत तो उसे और भी कईयों से थी |

हमे बर्बाद करना है तो हमसे प्यारा करो,
नफरत करोगे तो खुद बर्बाद हो जाऐगे, |

ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं मुझे,

मोहब्बत है तो जताओ वरना भाड़ में जाओ

तुमसे मोहब्बत करने से ही फुर्सत नहीं मिली,

वरना हम बताते कि नफरत कैसे होती है |

नफरत हो दिल में तो मिलने का मजा नहीं आता है,
वो आज भी मिलता हैं पर दिल कही और छोड़ आता हैं, |

माना मौसम भी बदलते हैं लेकिन धीरे धीरे,

तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान हैं |

दिल पर ना मेरे यू वार कीजिए,
छोड़ो ये नफरत थोड़ा प्यार कीजिए,
तड़पते हैं जिस कदर तेरे प्यार में हम,
कभी खुद को भी उस कदर बेक़रार कीजिए,|


ज़िद्द में आकर उससे ताल्लुकात तोड़ दिए हमने,

अब सुकून उसे भी है और बेखबर हम भी हैं

मेरे दिल ने उस पर यकीन किया था,
नफरत क्यों करुँ अगर उसने दिल तोड़ दिया, |

ठुकरा दिया जिसने मुझे मेरा वक़्त देखकर,ऐसा वक़्त लाऊंगा,

मिलना पड़ेगा मुझसे वक़्त लेकर

मैं फना हो गया अफसोस वो बदला भी नहीं,
मेरी चाहतें से भी सच्ची रही नफरत उसकी,

ज़िन्दगी से नफरत किसे होती हैं,
मरने कि चाहत किसे होती हैं,
प्यार भी एक इतेफा़क होता हैं,
वरना आँसूओ से मोहब्बत किसे होती हैं,|

नफरत से होने लगी है इस सफर से अब,
ज़िन्दगी कही तो पहुचा दे खत्म होने से पहले,|

प्यार में बेवफ़ाई मिले तो गम ना करना।
अपनी आँखें किसी के लिए नम न करना।
वो चाहे लाख नफरते करे तुझसे।
पर तुम अपना प्यार कभी उसके लिए कम मत करना।

Nafrat Bhari Shayari


नफरत को हजार मौके दो प्यार में बदलने के,

लेकिन प्यार को एक मौका भी ना देना नफरत में बदलने का |


बड़ी खूबसूरत थी ज़िन्दगी जब,ना किसी से मोहब्बत थी,

ना नफरत थी, फिर एक मोड़ ऐसा आया कि,

मोहब्बत एक से हुयी और नफरत दुनिया से हो गयी |

वो ना ही मिलता तो अच्छा था,

बेकार में मोहब्बत से नफरत हो गयी

नफरत को मुहब्बत की आँखो में देखा।
बेरुखी को उनकी अदाओ में देखा।
आँखें नम हुए और मै रो पड़ा।
जब अपने को गैरों कि बाहो में देखा।

जो लोग नफरत करते हैं वो लोग अच्छे लगते हैं।
क्योंकि अगर सब मुहब्बत करेंगे तो
कहीं नज़र ना लग जाए मुझे।

अब हम तो नये नफरत करने वाले तालाश करते हैं।
कयोंकि पुराने वाले तो अब हमसे मुहब्बत किया करते हैं।

देख के हमें वो सिर झुकाते हैं।
बुला के महफिल में नजर चुराते हैं।
नफरत हैं हमसे तो भी कोई बात नहीं।
पर गैरो से मिल के दिल क्यों जलाते हो।

हमें उम्मीद है कि आपको Nafrat Shayari नफरत के लिए शायरी का हमारा संग्रह पसंद आया। यदि आपके पास किसी अन्य पसंदीदा प्रकार की नफरत शायरी है, तो कृपया उन्हें टिप्पणियों में साझा करें ताकि हम इस सूची में और अधिक जोड़ सकें!

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